वन विभाग पर गंभीर आरोप! करोड़ों के घोटाले की आशंका
ब्रेकिंग न्यूज़ सिंगरौली ब्यूरो चीफ दिनेश तिवारी

विभाग पर गंभीर आरोप! करोड़ों के घोटाले की आशंका
बंधा कोल ब्लॉक में अवैध कटाई, फर्जी बिल और ग्रामीणों में दहशत
सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए दस्तावेज़ों और ग्रामीणों के आरोपों ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
आरोप है कि वन विभाग और कंपनी की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। नियमों को दरकिनार कर जंगलों का दोहन किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप
कटाई के दौरान बाहरी लोगों और कंपनी कर्मचारियों की मौजूदगी रहती है, जो विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाते हैं। गाली-गलौज और दबाव के चलते पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
फर्जी बिल-वाउचर का खेल?
ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ कटाई के नाम पर जमा धन का दुरुपयोग हो रहा है। ठेकेदारों के जरिए फर्जी बिल और वाउचर बनाकर लाखों-करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है।
अवैध गतिविधियों के भी आरोप
वन भूमि पर अवैध जुताई और उत्खनन लंबे समय से जारी हैं, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान होने की बात कही जा रही है।
अधिकारियों पर भी सवाल
डिप्टी रेंजर पर आरोप है कि वे मुख्यालय में नहीं रहते, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। उनके कार्यकाल में तेंदूपत्ता और अन्य योजनाओं में भी अनियमितताओं की बात सामने आई है।
भूमि अर्जन में गड़बड़ी?
एक ही तरह की संरचनाओं के लिए अलग-अलग दरों पर भुगतान किए जाने के आरोप ने भ्रष्टाचार की आशंका और बढ़ा दी है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
✔️ पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक लगे
✔️ स्वतंत्र जांच कमेटी बनाई जाए
✔️ फर्जी बिल और भ्रष्टाचार की जांच हो
✔️ दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
✔️ वन भूमि पर अवैध कब्जा और उत्खनन रोका जाए
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा या फिर यह मुद्दा भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?




