
ईरान पर मिलकर हमला करने वाले अमेरिका और इजरायल को भी युद्ध में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस युद्ध में अभी तक आधिकारिक रूप से अमेरिका के चार विमान गिर चुके हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को चौथे विमान के गिरने के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ईंधन भरने वाले एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 6 क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस विमान के गिरने में अभी तक न तो दुश्मन की गोलीबारी और न ही अपने पक्ष की तरफ से की गई फायरिंग ही शामिल थी। सेंटकॉम के मुताबिक इस पर अभी जांच की जा रही है।
सेंटकॉम की तरफ से इस घटना पर ज्यादा जानकारी देते हुए बताया गया कि इस घटना में दो विमान शामिल थे। क्रैश होने वाला विमान (बोइंग KC-135) ईरान में जारी अभियानों का हिस्सा था। यह एक टैंकर विमान है, जो कि दूसरे जेट्स को हवा में ही फ्यूल उपलब्ध कराता था। घटना के बाद अभी बचाव कार्य जारी है। इस विमान के क्रैश होने के बाद दूसरा विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया है।
अमेरिकी वायुसेना अभियानों के लिए खास KC-135
अमेरिका की वायुसेना के लिए इस विमान की भूमिका बहुत ही खास है। बोइंग का KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान हवा में उड़ते हुए अन्य लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने की क्षमता रखता है। यह लंबी दूरी के अमेरिकी सैन्य अभियानों में बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईरान युद्ध के दौरान भी इन विमानों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, ताकि अमेरिकी विमानों की उड़ने की क्षमता को बढ़ाया जा सके।




