
अपनी कार या निजी वाहन से फास्टैग के जरिये नेशनल हाईवे पर सफर करना अब महंगा हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास की कीमत में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत फास्टैग का सालाना पास वर्तमान 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दिया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि नई शुल्क संरचना एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी। राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले यात्रियों को आर्थिक राहत प्रदान करने के लिए 15 अगस्त, 2025 को वार्षिक पास सुविधा शुरू की गई थी। निजी वाहन मालिकों के बीच फास्टैग का उपयोग
एनएचएआइ ने कहा-3000 वाला पास अब 3075 रुपये में बनेगा, 56 लाख से ज्यादा वाहन चालक इस्तेमाल कर रहे यह सालाना पास
तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में 56 लाख से ज्यादा वाहन चालक इस वार्षिक पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वार्षिक पास का विकल्प चुनने से वाहन चालकों को बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। यह प्रणाली एक बार के शुल्क भुगतान पर आधारित है, जो पूरे एक वर्ष या कुल 200 टोल प्लाजा पार करने की वैधता प्रदान करती है। यह पास सभी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू है, बशर्ते कि वे मान्य फास्टैग बनाए रखें।




