अंधविश्वास को लेकर उत्पन्न विवाद, पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति पूरी तरह शांत
अनूप कुमार की रिपोर्ट

महुआडांड़ प्रखंड के दौना गांव में अंधविश्वास को लेकर उत्पन्न विवाद को प्रशासन की तत्परता और सक्रिय हस्तक्षेप से पूरी तरह शांत करा लिया गया है। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान फुदन मुंडा नामक युवक के साथ कथित रूप से प्रताड़ना किए जाने का मामला सामने आया। बताया जाता है कि यह विवाद ‘बैगा’ (झाड़-फूंक) से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप के कारण उत्पन्न हुआ था। ग्रामीणों के बीच आपसी मतभेद बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।घटना के दौरान गांव की जल सहिया हीना देवी ने इस कृत्य का विरोध किया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट किए जाने की भी सूचना सामने आई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी के निर्देश पर नेतरहाट थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर विवाद को समाप्त कराया और स्थिति को नियंत्रण में लियाप्रशासन की पहल के बाद गांव में शांति बहाल हो गई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत बताई जा रही है और किसी प्रकार के तनाव की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।पंचायत समिति सदस्य नीलम देवी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अंधविश्वास जैसी कुप्रथाएं समाज के लिए घातक हैं और लोगों को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।वहीं, एसडीओ बिपिन कुमार दुबे ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके कारण स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया यह मामला आपसी विवाद से जुड़ा था, जिसे समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गांव की स्थिति पूर्ण रूप से सामान्य और शांतिपूर्ण है। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोहराने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी




