चितरंगी–दुधमनिया के खनिज ब्लॉकों की नीलामी पर कलेक्टर की बड़ी समीक्षा बैठक
ब्रेकिंग न्यूज़ सिंगरौली ब्यूरो चीफ दिनेश तिवारी

चितरंगी–दुधमनिया के खनिज ब्लॉकों की नीलामी पर कलेक्टर की बड़ी समीक्षा बैठक
सिंगरौली | 3 अप्रैल 2026
जिले के खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में “प्री ऑक्शन कमेटी” की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चितरंगी तथा दुधमनिया क्षेत्र के तीन प्रमुख खनिज ब्लॉकों की नीलामी से संबंधित तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही आगामी नए खनिज ब्लॉकों के पूर्वेक्षण (एक्सप्लोरेशन) और उनकी नीलामी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत रणनीति पर भी चर्चा की गई।
प्री-ऑक्शन कमेटी की बैठक में क्या रहा खास
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नियमसम्मत और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रस्ताव का तकनीकी, प्रशासनिक और पर्यावरणीय पहलुओं से गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
इस बैठक में “प्री ऑक्शन कमेटी” के माध्यम से ब्लॉकों की नीलामी से पहले आवश्यक सभी औपचारिकताओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित ब्लॉकों की स्थिति, संसाधन क्षमता, पहुंच मार्ग, वन क्षेत्र की स्थिति और राजस्व संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
तीन प्रमुख खनिज ब्लॉकों के प्रस्तावों का परीक्षण
बैठक में जिन तीन महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई, उनमें प्रमुख रूप से—
सुलखान खुर्द बूढ़ाडोल ब्लॉक
मटिहानी जम्हिलवा बरगर ब्लॉक
बरहवा बगैया गौरहवा ब्लॉक
इन सभी ब्लॉकों के प्रस्तावों का समिति द्वारा बारीकी से परीक्षण किया गया। समिति ने इन क्षेत्रों में उपलब्ध खनिज संसाधनों की गुणवत्ता, मात्रा और खनन की व्यवहार्यता का आंकलन किया।
अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर यह सुनिश्चित किया गया कि इन ब्लॉकों में खनन कार्य आर्थिक रूप से लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप भी हो।
तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान कमेटी ने केवल खनिज उपलब्धता ही नहीं, बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया। इसमें निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई—
खनन क्षेत्र तक पहुंचने के लिए सड़क और परिवहन सुविधा
वन भूमि और गैर-वन भूमि की स्थिति
पर्यावरणीय स्वीकृतियों की आवश्यकता
स्थानीय आबादी और सामाजिक प्रभाव
राजस्व वृद्धि की संभावनाएं
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसी भी स्तर पर प्रक्रिया में देरी न हो।
अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे
समिति द्वारा सभी पहलुओं के परीक्षण के पश्चात इन तीनों खनिज ब्लॉकों के प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति के लिए संचालक, भूतत्व एवं खनिकर्म (Directorate of Geology and Mining) को भेजने का निर्णय लिया गया।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन ब्लॉकों की ई-नीलामी की कार्यवाही शुरू की जाएगी, जिससे जिले को राजस्व के रूप में बड़ी आय प्राप्त होने की संभावना है।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में खनिज, वन और राजस्व विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने कहा कि सभी विभागों के बीच तालमेल से ही नीलामी प्रक्रिया को सफल और प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज, नक्शे और स्वीकृतियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं, ताकि नीलामी प्रक्रिया में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
बैठक में शामिल रहे प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें—
अनुविभागीय अधिकारी (चितरंगी) श्री देवेन्द्र द्विवेदी
खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल
एसडीओ फॉरेस्ट श्री नरेन्द्र त्रिपाठी
अधीक्षक भू-अभिलेख श्री मानसिंह मौर्य
कार्यपालन यंत्री (पीडब्ल्यूडी) तेजस्विनी
एसडीओ जल संसाधन विभाग
सहायक खनिज अधिकारी श्री रामशुसील
इन सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव और रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जिले के विकास में खनिज नीलामी की अहम भूमिका
खनिज ब्लॉकों की नीलामी जिले के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे न केवल शासन को राजस्व प्राप्त होता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं।
सिंगरौली जिला पहले से ही खनिज संपदा के लिए जाना जाता है, और इस तरह की नीलामी प्रक्रियाएं इसे और अधिक सशक्त बनाने में सहायक साबित होती हैं।
पारदर्शिता और समयबद्धता पर प्रशासन का फोकस
कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने स्पष्ट किया कि नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करें और शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष
चितरंगी और दुधमनिया के खनिज ब्लॉकों की नीलामी को लेकर आयोजित यह बैठक जिले के खनिज प्रबंधन और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। प्रशासन द्वारा की जा रही सघन तैयारी से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में सिंगरौली में खनिज क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी और जिले को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूती मिलेगी।
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