बदायूं में राजस्व विभाग की शर्मनाक करतूत का खुला चिटठा
बदायूं एम. आरिफ़ खान मोबाइल - 9997654490

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बदायूं में राजस्व विभाग की शर्मनाक करतूत का खुला चिटठा ! 72 वर्षीय बुजुर्ग से नायब तहसीलदार ने की बदसूलुकी ! न्याय के लिए एक साल से भटक रहा पीड़ित! सीएम के दरबार में भी लगाई न्याय की गुहार, आत्मदाह को है मजबूर ! एंकर – यूपी के बदायूं में राजस्व विभाग और भूमाफिया गठजोड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है! 72 वर्षीय बुजुर्ग अपनी ज़मीन पर हुए अवैध कब्जे को लेकर सीएम दफ्तर से लेकर तमाम आला अफ़सरों से न्याय की गुहार लगाने के बाद भी न्याय के लिए भटक रहा है ! पीड़ित बुजुर्ग ने नायब तहसीलदार पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए न्याय न मिलने पर आत्म दाह की चेतावनी दी है जिससे महकमे में खलबली मच गई है ! वियो- एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार भूमाफियाओं के विरुद्ध एंटी भू माफिया पोर्टल पर अपराध पंजीकृत कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दिन-रात एक कर रहा है वही चंद पैसों की खातिर तहसील प्रशासन के आला अधिकारी भूमाफियाओं से कंधे से कंधा मिलाकर ग़रीबों की ज़मीन हड़प रहे हैं! ऐसा ही एक मामला सहसवान तहसील क्षेत्र के गांव जरीफ़पुर गढ़िया का है जहां 72 वर्षीय वृद्ध किसान सियाराम पुत्र टीकाराम जाटव पिछले एक साल से न्याय के लिए भटक रहा है ! पीड़ित सियाराम ने मुख्यमंत्री एवं राजस्व बोर्ड को प्रेषित शिकायती पत्र में बताया कि रोज़ी रोटी कमाने के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है ! जिसका लाभ उठाते हुए उनकी ज़मीन पर गांव के प्रेम सिंह पुत्र गोवर्धन , हीरालाल पुत्र भगवान हरि सिंह , राजेंद्र पुत्र नत्थू निवासी ग्राम हुसैनपुर जनपद कासगंज ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की तथा स्वयं मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचकर अपनी व्यथा को मुख्यमंत्री जी को सुनाया लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व टीम ने मौके पर जाकर पैमाइश की जिसमें पैमाइश के दौरान उपरोक्त लोगों का अवैध रूप से कब्जा पाया गया! आरोप है कि मौके पर नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार राजस्व टीम के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे और उन्होंने पैमाइश को गलत ठहराते हुए कहा कि किसी का तुम्हारी भूमि पर कब्जा नहीं है तुम्हारा प्रार्थना पत्र झूठा है! पीड़ित ने दोबारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर जब शिकायत की तो उसे फैसला कराने के बहाने तहसील बुलाकर तहसीलदार के सामने ही गाली गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया गया उसे झूठा मुकदमा लिख कर जेल भेजने की धमकी देने के साथ ही जूते से मारने की धमकी तक दे डाली और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग भी किया गया तथा धक्के देकर मुझे तहसील से बाहर कर दिया।
न्याय न मिलने व राजस्व विभाग के अफ़सरों से अपमानित बुजुर्ग ने दोषियों के ख़िलाफ कार्यवाही न होने पर तहसील परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है जिससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।




