लातेहार में फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी: बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने पकड़ा, निकला 10 लाख का इनामी नक्सली मृत्युंजय भुइयां
संवादाता अनूप सिंह

झारखंड के लातेहार जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी, वह दरअसल 10 लाख रुपये का इनामी माओवादी निकला। इस खुलासे के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में भी हलचल मच गई।यह पूरा मामला लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का है। पुलिस ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है उसकी पहचान कुख्यात माओवादी मृत्युंजय भुइयां के रूप में हुई है। उसे मिथुन और फ्रेस भुइयां के नाम से भी जाना जाता है। उसके पिता का नाम बाबूलाल भुइयां बताया जा रहा है और वह लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था।
बूढ़ा पहाड़ का आखिरी सक्रिय माओवादी कमांडर
मृत्युंजय भुइयां को बूढ़ा पहाड़ इलाके का अंतिम सक्रिय माओवादी कमांडर माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार उसकी तलाश में अभियान चला रहे थे। झारखंड सरकार ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने पकड़ लिया
इस पूरे मामले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि गांव वालों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। ग्रामीणों को शक हुआ कि वह बच्चा चोर हो सकता है। इसके बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।जब उससे पूछताछ की गई तो उसके जवाब और व्यवहार और भी संदिग्ध लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस की पूछताछ में जो सच सामने आया उसने सभी को हैरान कर दिया। पकड़ा गया व्यक्ति कोई बच्चा चोर नहीं बल्कि 10 लाख रुपये का इनामी माओवादी मृत्युंजय भुइयां निकला।
SP ने की गिरफ्तारी की पुष्टि
लातेहार के पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार गौरव ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत्युंजय भुइयां से पूछताछ की जा रही है। उससे माओवादी नेटवर्क और संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है और संगठन को बड़ा झटका लग सकता है।




