नेतारहाट में ‘बवाल’: नियमों को दरकिनार कर निर्माण, वन विभाग की सख्ती से काम बंद

अनूप कुमार की रिपोर्ट
महुआडांड़ झारखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन नेतारहाट में अवैध निर्माण को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। “क्वीन ऑफ हिल्स” की पहचान वाले इस इलाके में पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के नियमों को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे वन विभाग और प्रशासन सख्त हो गए हैं।पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के अधिकारियों ने साफ कहा कि बिना जरूरी अनुमति और पर्यावरणीय नियमों के पालन के काम शुरू करना गंभीर उल्लंघन है। इस लापरवाही से न सिर्फ जंगल और वन्यजीवों पर खतरा बढ़ता है, बल्कि नेतारहाट की प्राकृतिक खूबसूरती भी दांव पर लग जाती है।मामला सामने आते ही वन विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी निर्माण कार्यों पर ब्रेक लगा दिया। अब ESZ मॉनिटरिंग कमेटी की मंजूरी के बिना यहां एक ईंट भी नहीं रखी जा सकेगी।वहीं, मामला विधानसभा तक गूंज गया। लातेहार के विधायक प्रकाश राम ने सरकार को घेरते हुए कहा कि नेतारहाट की सुंदरता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।यह पूरा घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि नियमों को ताक पर रखकर विकास के नाम पर मनमानी अब भारी पड़ सकती है। नेतारहाट में उठा यह बवाल आने वाले समय में बड़े एक्शन की भूमिका तैयार कर रहा है।




