
बिहार मे उप मुख्यमंत्री के लाख दावा के बाद भी भू-माफिया गरीबो की जमीन हड़पने में कामयाब हो जा रहे है इनकी कामयाबी का मुख्य बात यह है कि इन माफिया के साथ अंचल अधिकारी राजस्व कर्मचारियों की भी मिलीभगत से कामयाब हो रहे है गौरी चक थाना क्षेत्र के kansari गाँव मे अजय भगत की करोड़ों रुपया की जमीन थाना क्षेत्र के ही रजनीकांत रंगा द्वारा अजय भगत के छोटे भाई जो मानसिक रूप से बीमार है उनसे जबरन उक्त जमीन को लिखा लिया गया सबसे बड़ी बात है कि उक्त जमीन अजय भगत की माता शांति देवी के नाम से था और शांति देवी भी उक्त जमीन को खरीदी थी मगर रजनी कांत रंगा ने जीवित शांति देवी को मृत घोषित कर उक्त जमीन को उमेश भगत से इन भूमि को भ-माफिया ने अपनी पत्नी निरुपा देवी के नाम से निबंधन करा लिया और कब्जा किए हुए है जबकि शांति देवी ने अपनी सारी संपति को अजय भगत की पत्नी उषा देवी के नाम से निबंधन कर दी है अब जब इस बात की जानकारी देने अजय भगत गौरी चक थाने पर और पुन पुन अंचल कार्यालय में गए तो उन्हें डाट फटकार कर भगा दिया जाता है इस बात की जानकारी अजय भगत ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,राजस्व एवं भूमि सुधार सह बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री विजय चौधरी सहित राज्य के पुलिस के आला अधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया है मगर अभी तक कोई कारवाई नहीं होने से सरकार और पुलिस के प्रति उदासीनता इनके परिवार पर साफ़ झलकती है भू माफिया पैसे के बल पर थाने और अंचल के आला अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों के कंधे पर बंदूक चला रहे है और सफल साबित हो रहे है अजय भगत ने राज्य सरकार सहित पुलिस महकमों से रजनीकांत रंगा,रामू कुमार,निरुपा देवी,रंजन कुमार सहित अन्य भूमि माफिया की गिरफ्तारी की मांग की है तथा जमीन पर कब्जा दिलाने का आग्रह किया है




