झारखंड
जियो टैग के बाद भी नहीं मिला घर, अब छत भी गिरी: 2 साल से सिस्टम की मार झेल रहा जगदीश लकड़ा
अनूप कुमार की रिपोर्ट

महुआडांड़ सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोहर पंचायत के आराहंस टोला केराखाड़ निवासी जगदीश लकड़ा का घर जियो टैगिंग के दो साल बाद भी नहीं बना, उल्टा अब उनका कच्चा घर गिर चुका है जानकारी के अनुसार, दो साल पहले आवास योजना के तहत उनका जियो टैग किया गया था, लेकिन इसके बाद न स्वीकृति मिली और न ही कोई आर्थिक सहायता। लगातार अनदेखी के कारण अब स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उनका घर ही धराशायी हो गया।हर बरसात में पानी से घिरने वाला यह घर आखिरकार ढह गया, लेकिन जिम्मेदार अब भी चुप हैं।पीड़ित जगदीश लकड़ा ने लातेहार डीसी से आवास दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं पंचायत की मुखिया मगदली टोप्पो ने जल्द लाभ दिलाने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि दो साल से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।




