
महुआडांड़ प्रखंड का सोहर गांव इन दिनों विभागीय लापरवाही का शिकार बना हुआ है। गांव में पिछले कई महीनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और अधिकारी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।हैरानी की बात यह है कि गांव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैस्थानीय लोगों में विभाग और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोहर गांव की यह स्थिति साफ तौर पर विभागीय लापरवाही और सरकारी व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी कब तक इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हैं।




