
लाखों की कब्रिस्तान बाउंड्री में बड़ा घोटाला! घटिया बंगला ईंट से निर्माण, पहली बारिश में ढहने का खतरा — एसडीओ ने रुकवाया काम
महुआडांड़ प्रखंड के परहटोली पंचायत अंतर्गत डूमरडीह गांव में लाखों रुपये की लागत से बन रही आंगनबाड़ी के सामने कब्रिस्तान बाउंड्री निर्माण योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कल्याण विभाग की इस योजना में गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर घटिया बंगला ईंट से निर्माण किए जाने का आरोप लगा है। मामला सामने आते ही प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी पैसे से बन रही बाउंड्री में पूरी तरह घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण कार्य की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने दावा किया कि बाउंड्री इतनी कमजोर बनाई जा रही है कि पहली ही बारिश में ढह सकती है। इतना ही नहीं, योजना में निर्धारित लंबाई भी पूरी नहीं किए जाने की बात सामने आई है, जिससे पूरे निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बन रही इस योजना में खुलेआम मानकों की अनदेखी की जा रही है और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका साफ दिखाई दे रही है। घटिया निर्माण को लेकर गांव में भारी नाराजगी देखी जा रही है और ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) बिपिन कुमार दुबे ने तत्काल निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित योजना का भुगतान रोक दिया जाएगा। साथ ही दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।वहीं जिला परिषद सदस्य एस्टेला नागेसिया ने भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है डूमरडीह गांव में लाखों की योजना में सामने आई इस गड़बड़ी के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। फिलहाल एसडीओ के निर्देश पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है और अब जांच के बाद बड़े घोटाले का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।




