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लोकल बालू, फर्जी चालान और मजदूरों के शोषण का आरोप, जांच की मांग तेज

अनूप कुमार की रिपोर्ट

35 करोड़ के भवन निर्माण में बड़ा खेल

लोकल बालू, फर्जी चालान और मजदूरों के शोषण का आरोप, जांच की मांग तेज

महुआडांड़ (लातेहार): महुआडांड़ प्रखंड के बांसकरचा में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सरकारी भवन निर्माण कार्य में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि करोड़ों की इस योजना में नियमों को दरकिनार कर लोकल बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही मजदूरों के साथ मजदूरी में भेदभाव और श्रम कानूनों के उल्लंघन का मामला भी सामने आया है।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों की योजना में खुलेआम अनियमितता हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं। इससे पूरे निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।

नियमों की धज्जियां उड़ाकर लोकल बालू का इस्तेमाल

जानकारी के अनुसार बन रहे सरकारी भवनों में निर्धारित मानकों के अनुसार पलामू जिले की कोयल नदी से स्वीकृत बालू का उपयोग करना अनिवार्य है। करोड़ों की योजना में बड़े घोटाले की आशंका भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण, जताई कड़ी नाराजगी

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य इस्तेला नागेसिया और प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर निर्माण स्थल पर पहुंचे और जांच की। निरीक्षण के दौरान लोकल बालू के उपयोग की बात सामने आने पर दोनों जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल जांच की मांग की जिला परिषद सदस्य इस्तेला नागेसिया ने कहा कि 35 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भवन में इस प्रकार की अनियमितता बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर ने कहा कि करोड़ों की योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा।

मजदूरों का शोषण, लोकल को कम मजदूरी

इधर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय मजदूरों का कहना है कि उन्हें 300 से 330 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही है, जबकि बाहर से आए मजदूरों को 400 से 450 रुपये तक भुगतान किया जा रहा है।मजदूरों ने आरोप लगाया कि यह श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। समान काम के बावजूद मजदूरी में अंतर को लेकर मजदूरों में भारी आक्रोश है। मजदूरों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर उचित मजदूरी दिलाने की मांग की है।

लेबर विभाग ने लिया संज्ञान

मामले को लेकर श्रम विभाग के अधिकारी दिनेश भगत ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि मजदूरी में भेदभाव और अन्य आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

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