अवैध खनन पर पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत के आरोप, उपजाऊ खेतों से मिट्टी उठाने का सिलसिला जारी, अवैध खनन पर पुलिस-प्रशासन
रिपोर्टर नूर मोहम्मद पत्रकार

रिपोर्टर नूर मोहम्मद पत्रकार
अवैध खनन पर पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत के आरोप, उपजाऊ खेतों से मिट्टी उठाने का सिलसिला जारी, अवैध खनन पर पुलिस-प्रशासन
की मिलीभगत के आरोप, उपजाऊ खेतों से मिट्टी उठाने का सिलसिला जारी ठाकुरद्वारा। क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबर बेरोकटोक जारी है। नदी के किनारों और उपजाऊ खेतों से बिना किसी अनुमति के मिट्टी और रेत का उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन के आंखें देखते भी यह सब हो रहा है, जिससे साफ है कि अवैध खनन कारोबारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मिलीभगत है।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि दिनदहाड़े बिना नंबरों के डंपर उपजाऊ खेतों से मिट्टी उठाकर ले जा रहे हैं। आरोप है कि यह कारोबारी ना सिर्फ बिना परमिट के मिट्टी निकाल रहे हैं, बल्कि नो एंट्री जैसे नियमों का भी उल्लंघन कर रहे हैं। डंपर सड़कों पर इस तरह दौड़ रहे हैं मानो उनके खिलाफ कोई कानून ही न हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और खनन विभाग के अधिकारी इन कारोबारियोंके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों को आशंका है कि प्रशासनिक अधिकारी खुद इन कारोबारियों के साथ मिले हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब इन कारोबारियों से परमिट दिखाने को कहा जाता है तो वे टालमटोल करते हैं या यह कहकर लोगों को गुमराह करते हैं कि लखनऊ से मिटटी उठाने की अनुमति मिली हुई है, लेकिन कोई भी कारोबारी इसका कोई लिखित साक्ष्य पेश करने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि बिना राजस्व शुल्क जमा किए मिट्टी उठाना अवैध खनन की श्रेणी में आता है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन यहां इसके उलट अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि जब तक इन अवैध कारोबारियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इससे मुक्ति नहीं मिल सकती। अवैध खनन का सबसे बुरा असर पर्यावरण पर पड़ रहा है। उपजाऊ मिट्टी के उठने से खेत बंजर होते जा रहे हैं, वहीं डंपरों की आवाजाही से ध्वनि प्रदूषण और धूल से वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वह अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें और क्षेत्र में शासन की सख्ती लागूकरें। ठाकुरद्वारा सुरजननगर मार्ग पर कुढ़का नदी के किनारे एक खाली खेत में दिन के उजाले में बिना किसी अनुमति के मिटटी का भराव किया जा रहा है। जबकि यह मिटटी किसी उपजाऊ खेत से बिना राजस्व शुल्क जमा किए उठाई जा रही है।
बतादे कि अगर कोई किसान अपने खेत से बिना किसी अनुमति के मिटटी उठाकर अपनी जरूरत के लिए लाता तो खनन अधिकारी, स्थानीय प्रशासन उस भोले भाले किसान की ट्रैक्टर ट्राली पकड़कर कोतवाली ले आते है। उसके खिलाफ अवैध खनन के आरोप में कार्रवाई करते है। लेकिन आज तक किसी खनन कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई नही की गई




