अब बिना सहमति नहीं लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर
रिपोर्टर नूर मोहम्मद पत्रकार

अब बिना सहमति नहीं लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट की स्थिति, प्रदेश में 70 लाख से ज्यादा मीटरों पर उठे सवाल
लखनऊ। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने लोकसभा में साफ किया है कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति लिए कनेक्शन को प्रीपेड मोड में इस नहीं बदला जा सकेगा। बयान के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार और विद्युत नियामक आयोग से नियम का पालन कराने की मांग की है।
लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया है कि पूरे देश में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की सहमति के बाद ही स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में लगाया जा सकता है। धारा 47 (5) के अनुसार, यदि उपभोक्ता स्वयं प्रीपेड मीटर चाहता है, तो वितरण लाइसेंसी को उसे यह सुविधा प्रदान करनी होती है और इसके लिए किसी प्रकार की सुरक्षा राशि नहीं ली
निगमों में जबरन बदले जा रहे मीटर
सरकार की नीति उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की है, न कि इसे जबरन लागू करने की। लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का बयान आने से राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसका शत प्रतिशत पालन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा किी निगमों में जबरदस्ती मीटर बदले जा रहे हैं। प्रदेश में 70 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर को प्रीपेड मोड में बिना उपभोक्ताओं की सहमति के लगाया गया है। ऐसे में जिनका बिना अनुमति के मीटर बदला गया है, उन्हें उपभोक्ताओं की इच्छा के अनुसार परिवर्तित किया जाए।
जाती। विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 के तहत नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ देने का प्रावधान है।




