महुआडांड़ में जिला परिषद की जमीन की मापी का आदेश, गुमटी दुकानदारों में नाराजगी

अनूप कुमार की रिपोर्ट
महुआडांड़ प्रखंड में जिला परिषद की जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले को लेकर प्रशासन ने जमीन की मापी कराने का आदेश जारी किया है। अंचल अधिकारी, महुआडांड़ के कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार संबंधित जमीन की मापी कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट अंचल कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया हैकार्यालय आदेश के मुताबिक अनुमंडलपदाधिकारी-सह-अनुमंडल दंडाधिकारी, महुआडांड़ के ज्ञापांक 259/एसटीओ, दिनांक 11 मार्च 2026 के आलोक में जिला परिषद की जमीन पर संभावित अतिक्रमण की जांच के लिए मापी कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और सरकारी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।अंचल अधिकारी ने इस कार्य के लिए अंचल अमीन, राजस्व उपनिरीक्षक तथा प्रभारी अंचल निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी है। आदेश के अनुसार 17 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारी स्थल पर पहुंचकर जमीन की मापी करेंगे और जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट अंचल कार्यालय में जमा करेंगे।
प्रशासन का पक्ष:
प्रशासन का कहना है कि जिला परिषद की जमीन पर संभावित अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। मापी के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाएगा कि जमीन पर किसी प्रकार का अतिक्रमण है या नहीं। यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदारों का पक्ष:
इधर, जिस जमीन पर वर्षों से गुमटी लगाकर छोटे दुकानदार अपना व्यवसाय चला रहे हैं, उनमें इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। दुकानदारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रोजी-रोटी कमा रहे हैं और यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया गया तो उनके परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि जमीन खाली करानी है तो पहले उन्हें कहीं और व्यवस्थित किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।फिलहाल, 17 मार्च को होने वाली जमीन की मापी के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो पाएगी और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




