
महुआडांड़ प्रखंड के सोहर नाका में वन विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है। हैरानी की बात है कि इस संवेदनशील वन क्षेत्र में पिछले 4 महीने से एक भी वनकर्मी की तैनाती नहीं है। यानी पूरा इलाका बिना निगरानी के छोड़ दिया गया है और वन विभाग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सोहर नाका में स्टाफ नहीं रहने के कारण अवैध लकड़ी कटाई धड़ल्ले से चल रही है। जंगल की सुरक्षा पूरी तरह ठप है और वन्यजीवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।ग्रामीणों ने कई बार विभाग को सूचना दी, शिकायत की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इससे साफ जाहिर होता है कि वन विभाग को न तो जंगल की चिंता है और न ही वहां रहने वाले लोगों की। एक साल तक किसी भी स्टाफ की नियुक्ति नहीं होना सीधे-सीधे विभागीय लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है।




