महुआडांड़ में शिक्षा का महाघोटाला! स्कूल बना ‘फिल्म हॉल’, शिक्षक गायब—बच्चों के भविष्य से खुला खिलवाड़
अनूप कुमार की रिपोर्ट

महुआडांड़ (लातेहार) सरकारी स्कूलों की बदहाली की जो तस्वीर महुआडांड़ के बंदुआ विद्यालय से सामने आई है, वह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के सड़ जाने का सबूत है। यहां शिक्षा नहीं, खुला तमाशा चल रहा है—शिक्षक गायब, बच्चे बेसहारा और अधिकारी पूरी तरह खामोश!राजकीय कृत प्राथमिक विद्यालय, बंदुआ में पदस्थापित जावेद सर पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे हफ्तों तक स्कूल नहीं आते, लेकिन उनकी उपस्थिति और नौकरी दोनों चालू है। बड़ा सवाल—जब शिक्षक ही गायब हैं तो बच्चों को पढ़ाएगा कौन? और विभाग आखिर किसे बचा रहा है?जब जिला परिषद सदस्य इस्टेला नागेसिया और प्रमुख कंचन कुजूर मौके पर पहुंचे, तो जो नजारा सामने आया उसने सबको हिला कर रख दिया। स्कूल से जावेद सर गायब! बच्चे बिना शिक्षक के इधर-उधर बैठे थे, जैसे स्कूल नहीं बल्कि कोई छोड़ा हुआ भवन हो।लेकिन असली ‘बवाल’ तो तब खुला जब पता चला कि पढ़ाई के नाम पर बच्चों को “बालवीर” फिल्म दिखाकर दिन काटा जा रहा है। यानी स्कूल को पढ़ाई की जगह सिनेमा हॉल बना दिया गया है! सरकार शिक्षा पर पैसा बहा रही है और यहां बच्चों को फिल्म दिखाकर भविष्य के साथ मजाक किया जा रहा है।प्राचार्य की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। उन्होंने एक शब्द बोलना तक जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों का गुस्सा अब फट पड़ा है। लोगों का साफ कहना है कि यह सब बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं। बीआरसी से लेकर ऊपर तक सबको जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चुप्पी—यानी पूरा सिस्टम सेट है!ग्रामीणों ने उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से सख्त कार्रवाई की मांग की है और साफ चेतावनी दी है




