लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे की मूर्ति रेलवे स्टेशन के गेट के किनारे लगाई गई; मूर्ति हटाने से रोकने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
मोहम्मद फारूक खामगांव

खामगांव नगरपालिका चौक के पास रेलवे स्टेशन के नए गेट के बाजु में आज आधी रात को किसी अनजान व्यक्तियों ने साहित्य रत्न लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे की आधी बनी मूर्ति लगा दी। यह घटना 17 मार्च 2026 को सुबह उजागर हुई और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रदीप पाटिल, तहसीलदार सुनील पाटिल, नगरपालिका के चीफ ऑफिसर डॉ. प्रशांत शेलके, खामगांव शहर पुलिस स्टेशन के थानेदार रामकृष्ण पवार, शिवाजी नगर पोस्ट थानेदार सुरेंद्र अहेरकर मौके पर पहुंच गए थे। मूर्ति हटाने से रोकने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए थे। इसमें महिलाओं की भी अच्छी-खासी मौजूदगी थी। इस समय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और मूर्ति न हटाने की मांग की। और इस बारे में तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया है। खबर लिखने तक समाज के कार्यकर्ताओ का आंदोलन जारी था।
साहित्य रत्न अन्नाभाऊ साठे सोशल फोरम की तरफ से मेंबर्स की अलग-अलग मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया था। इसमें यह मांग भी शामिल थी की नगर पालिका अपने खर्चे पर साहित्य रत्न अन्नाभाऊ साठे की मूर्ति बनाए। लेकिन, इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। तहसीलदार सुरेश पाटिल ,मुख्य अधिकारी डॉ प्रशांत शैल्के थानेदार आदि और समाज के कुछ मान्यवरों ने तहसीलदार के विनंती पर नगर पालिका के मुख्य अधिकारी के केबिन में कुछ समय बैठकर चर्चा की अभी भी आंदोलन जारी है मौके पर कल पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है



